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उधर मां की सूनी गोद तड़पती रही और इधर सरकार कांग्रेसीकरण और मोदी के फोटो ढूंढने में मस्त रही

मध्य प्रदेश भारत का हृदय प्रदेश है, भारत का दिल है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से दिल में रहने वाले ही सुरक्षित नहीं हैं, वे असहज महसूस कर रहे हैं, उनमें भय व्याप्त हैं। इसके पीछे वजह है वर्तमान सरकार की शासन नीति और लचर प्रशासन व्यवस्था। दरअसल 12 फरवरी को सतना में एक स्कूल बस से दिन दहाड़े दो मासूमों को अगवा कर लिया गया। मासूम की मां लगातार बच्चों को छुड़ाने के लिए सरकार से गुहार लगाती रही, लेकिन सरकार की तरफ से आश्वासन देने के अलावा कुछ नहीं किया गया। परिणाम यह हुआ कि 12 दिनों से अपने कलेजे के टुकड़ों को देखने के लिए पथराई आंखों को अपने ही मासूम बच्चों का शव देखने को मिला।

इससे अधिक हृदय विदारक घटना क्या हो सकती है। आखिर क्या वजह रही 12 दिन बाद भी बच्चों को छुड़ाया नहीं जा सका, सरकार और प्रशासन किस नींद में मस्त थी कि अपराधियों तक नहीं पहुंच पाई। अब जो माताएं कल से अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने जाएंगी, उनको यह भरोसा कौन दिलाएगा कि उनका बच्चा वापस सुरक्षित लौटकर भी आएगा। प्रदेश की महिलाएं आखिर किसके भरोसे अपने बच्चों को छोड़े, क्या कमलनाथ सरकार को उनकी बच्चों की फिक्र है। यह सवाल इसलिए भी मायने रखता हैं क्योंकि अपहरण होने के 12 दिन बाद भी पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई और अंतत: दोनों मासूम जुड़वा भाईयों की हत्या कर दी गई।

आखिर कहां सोई रही सरकार :

घटना के 12 दिन बाद भी आरोपियों तक पुलिस का नहीं पहुंचना, इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार ने इस घटना को गंभीरता से नहीं लिया। अब प्रश्न है कि सरकार कहां व्यस्त थी, शासन और प्रशासन क्यों मूक दर्शक की भूमिका निभाती रही। दरअसल सच तो यह है कि सरकार को उन मासूमों की फिक्र ही कहां थी, सरकार तो पूर्व सरकार के अधिकारियों के तबादले में मस्त थी। कांग्रेस और सरकार के नुमाइंदे तो मोदी और संघ की बुराईयों को ढूंढने में इतने मगन थे कि बच्चों की उन्हें फिक्र ही नहीं रही। जिस तत्परता से कांग्रेस की पूरी फौज और राहुल गांधी मोदी के फोटो शूट की तस्वीरों को ढूंढ रहे थे, सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे थे, उसका थोड़ा सा हिस्सा भी उस मासूम को दिया होता तो, आज उस मां की गोद सूनी नहीं हुई होती। लेकिन कमलनाथ को शिक्षा का कांग्रेसीकरण, कर्जमाफी के ढ़ोंग और वाहवाही से लूटने से फुर्सत मिले तब तो।

इतना ही नहीं घटना और बच्चों की हत्या के बाद भी कमलनाथ और उनके मंत्री राजनीति करने से बाज नहीं आ रहे हैं। कमलनाथ अपनी नाकामी का ठिकरा विपक्ष पर फोड़ते हैं तो उनके मंत्री कहते हैं कि योगी आदित्यनाथ को इस्तीफा देना चाहिए। अब मंत्री  जी को कौन समझाए कि इस्तीफा योगी से नहीं, कमलनाथ से मांगिए, घटना यूपी की नहीं , मध्य प्रदेश की है। बेहतर होगा कांग्रेस सरकार प्रदेश के जनता के प्रति थोड़ी संवेदनशील बनें, प्रदेश में हो रही अपराध की घटनाओं के प्रति सख्ती बरतें। कल से किसी मां की गोद सुनी नहीं हो, इस बात के प्रति कमलनाथ सरकार को गंभीर होना ही पड़ेगा।

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Swami Ramdev statement on Ram mandir

MY TIMES TODAY. Yog guru Swami Ramdev said that ram mandir will be made in ayodhya only. He said ” : Ram Mandir Ayodhya mein nahi banega to koi Mecca-medina aur Vatican City mein to banne waala nahin hai. Aur ye nirvivadit satya hai ki Ram ki janmabhoomi Ayodhya hai aur Ram matra Hindu hi nahi musalmano ke bhi purvaj hain.