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जन्मदिन विशेष : पंडित नेहरू और एडविना की प्रेम कहानी


माय टाइम्स टुडे। प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और भारत के अंतिम वायसराय लॉर्ड माउंटबैटन की पत्नी एडविना माउंटबैटन के बीच प्रेम को लेकर पब्लिक डोमेन में कई तरह की बाते कही जाती है. हालांकि इन बातों कि प्रमाणिकता कितनी यह अलग विषय है लेकिन इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि दोनों में प्रेम संबंध था. यह भी दावा किया जाता है कि लन्दन हेरिस कालेज में तीन लोग साथ पढ़ते थे. जवाहरलाल नेहरू – मोहम्मद जिन्ना और एडविना माउंटबेटन. भारत के विभाजन को लेकर दावा किया जाता है कि एडविना ने नेहरू और जिन्ना को ब्लैकमेल कर बंटवारे के कागजों पर हस्ताक्षर कराया था.

नेहरू एडविना के संबंधों को लेेेकर स्वयं एडविना की बेटी पामेला ने अपनी किताब ‘डॉटर ऑफ एम्पायर’ में लिखा है. 

माउंटबैटन जब भारत के अंतिम वायसराय नियुक्त होकर आए थे, उस वक्त पामेला हिक्स नी माउंटबैटन की उम्र करीब 17 साल थी.उन्होंने अपनी मां एडविना एश्ले और नेहरू के बीच ‘गहरा संबंध ‘ विकसित होते हुए देखा. पामेला ने कहा, ‘उन्हें पंडितजी में वह साथी, आत्मिक समानता और बुद्धिमतता मिली, जिसे वह हमेशा से चाहती थी. मां को लिखे नेहरू के पत्र पढ़ने के बाद पामेला को अहसास हुआ कि ‘वह और मेरी मां किस कदर एक-दूसरे से प्रेम करते थे और सम्मान करते थे.

नेहरू और एडविना के संबंधों को लेकर कई इतिहासकारों ने अनेक खुलासे किये है. ब्रिटिश इतिहासकार फिलिप जिएग्लर ने माउंटबेटन की जीवनी में एक चिठ्ठी का जिक्र किया है जो डिकी ने अपनी बेटी पेट्रिशिया को लिखी थी. इसमें उन्होंने लिखा था – ‘तुम किसी से इसका ज़िक्र न करना पर यह हक़ीक़त है कि एडविना और जवाहर एक साथ बड़े अच्छे दिखते हैं और दोनों एक-दूसरे पर अपना स्नेह भी व्यक्त करते हैं. मैं और पामेला (उनकी दूसरी बेटी) वह सब कुछ कर रहे हैं जो उनकी मदद कर सके.
जवाहरलाल एक बार उड़ीसा के सूर्य मंदिर गए और वहां से उन्होंने मंदिर में उकेरी हुई कामोत्तेजक तस्वीरों की किताब एडविना माउंटबेटन को भेजी और लिखा, ‘इस किताब को पढ़कर और देखकर एक बार तो मेरी सांसे ही रुक गयीं. इसे मुझे तुम्हें भेजते हुए किसी भी तरह की शर्म महसूस नहीं हुई और न ही मैं तुमसे कुछ छुपाना चाह रहा था.’
एडविना इसके जवाब में लिखा कि उन्हें ये मूर्तिया रिझा रही है. ‘मैं संभोग को सिर्फ ‘संभोग’ की तरह से ही नहीं देखती यह कुछ और भी है, यह आत्मा की खूबसूरती जैसा है.
ऐसा भी कहा जाता है कि एक बार नेहरू किसी काम से नैनिताल गए तो उनके साथ एडविना भी गयी थी. वहां दोनों लोगों को आलिंगन करते हुए देखा गया था.जिसके बाद एक नारा बहुत प्रसिद्ध हुआ ‘अगर राम के दिल में झांक कर देखें तो सीता मिलेंगी और नेहरू के दिल में अगर झांका तो एडविना’
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कोलकता बना मिनी लंदन : माता रानी पहनी 22 किलो सोने की साड़ी


 mytimestoday. दुर्गा पूजा और कोलकाता की बात न हो ऐसा हो ही नहीं सकता है। इस अवसर में कोलकाता का अलग ही रंग होता है। इस बार यहां पर 3000 पंडाल लगाएं गए है।वैसे तो इस बार कोलकाता में बिग बेन, महिष्पति, बंकिघम पैलेस के दर्ज में पंडाल लगाएं है, लेकिन इतना ही नहीं ऐसा और भी कुछ हुआ जिसके कारण कोलकाता का बकिंघम पैलेस चर्चा में आ रहा है। संतोष मित्रा चौराहे पर बने इस पांडाल को बकिंघम पैलेस का रूप दिया गया है जिसमें लंदन ब्रिज, बिग बेन और लंदन आई भी नजर आएगी। सिर्फ इतना ही बकिंघम पैलेस का इससे पहले कभी इतना सुंदर नकल नहीं बना है। इस पैलेस के अंदर ही मां दुर्गा का पंडाल लगाया गया है। पंडाल में मौजूद सभी देवी देवताओं ने अग्निमित्रा पॉल द्वारा डिजाइन ड्रेस पहनी हैं। उसमें प्रमुख मां दुर्गा की मूर्ती की साड़ी की कीमत 6.5 करोड़ रुपए है। इस साड़ी पर 22 कैरट से भी ज्यादा सोने का प्रयोग किया गया है। ये अब तक की सबसे सुंदर साड़ी मानी जा रही है जो मां दुर्गा की मूर्त को पहनाई गई है। इस साड़ी को बनाने के लिए कलकत्ता के करीब 50 डिजाइनर्स की मेहनत लगी है। पूजा कमेटी के अध्यक्ष प्रदीप घोष ने इंडियन एक्सप्रेस डॉट कॉम को बताया कि इस बार की दुर्गा पूजा में वो कुछ अलग करना चाहते थे, इसलिए उन्होंने और उनके बेटे सेजल घोस जो पूजा कमेटी के सचिव हैं उन्होंने ये सुझाव दिया।

साड़ी पर बना है कीमती नगों से जड़ा मोर: 

मां दुर्गा की ये साड़ी शुद्ध 22 कैरट सोने से बनी है और इसमें 22 किलो से ज्यादा सोने का इस्तेमाल हुआ है। इसको बनाने वाले कलाकार बंगाल से ही हैं। एक बेहतरीन साड़ी जिसपर सुंदर एम्ब्रोइडरी की गई है। सिर्फ इतना ही नहीं फूल बने मोती, तितलियां, पक्षी और एक बड़ा मोर कीमती नगों को साड़ी पर जड़ा गया है। इसपर मीनाकारी का भी काम किया गया है। इसे बनाने में 50 लोगों को करीब डेढ़ महीने का वक्त लगा। पूजा कमेटी के अध्यक्ष प्रदीप घोष में बताया कि उन्होंने कई देवी देवताओं की मूर्तियों को सोने के गहने और सोने की जरी की साड़ी पहने देखा है लेकिन अब तक उन्होंने उनकी पूरी किसी भी ड्रेस को सोने से बना नहीं देखा है।