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भारतीय वायु सेना ने मंगलवार सुबह साढ़े 3 बजे पाकिस्तान में घुसकर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद पर बड़ी कार्रवाई की है। इस ऑपरेशन में 12 मिराज 2000 लड़ाकू विमान ने हिस्सा लिया और एलओसी के पार आतंकी कैंपों पर 1000 किलोग्राम बम गिराए। वायुसेना के हवाई हमलों में एलओसी के पार बालाकोट, चाकोटी और मुजफ्फराबाद में आतंकी लॉन्च पैड्स पूरी तरह से नष्ट हो गए। जैश-ए-मोहम्मद का कंट्रोल रूम भी नष्ट कर दिया गया है।

बालाकोट को ही क्यों चुना : 

बालाकोट पाकिस्तान ख़ैबर पख़्तुनख़्वा प्रांत के मनशेरा ज़िले में है। यह पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद 160 किलोमीटर की दूरी पर है। आपको बता दें कि  कंधार विमान हाईजैक कांड के बाद भारत सरकार द्वारा छोड़े गए आतंकियों में शामिल आतंकी मसूद अज़हर ने पाकिस्तान पहुँचते ही जैश-ए-मोहम्मद की स्थापना की और उसका सबसे पहले बेस कैम्प बालाकोट में ही बनाया था। इसे सुरक्षित जगह माना जाता है। पुलवामा हमले के बाद जैश को इस बात का अंदेशा था कि भारत जवाबी हमला कर सकता है। इसलिए उसने सारे लड़ाकू सामान और कैंप को बालाकोट में शिफ्ट कर दिया था। दरअसल उसने यह सपने में भी नहीं सोचा था कि भारत पाकिस्तान के सीमा के इतना अंदर घुस कर वार कर सकता है। बताया जा रहा कि बालाकोट आतंकी संगठनों का सबसे बड़ा केंद्र बन गया था। आतंकी सभी गतिविधियों को वहीं से संचालित करते थे।  2001 में जम्मू-कश्मीर विधानसभा पर जो हमला हुआ था, उसकी पूरी की पूरी प्लानिंग भी बालाकोट में ही की गई थी। उस हमले में 38 लोग मारे गए थे।

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