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ये है दुनिया का सबसे दुर्लभ ब्लड ग्रुप सिर्फ 40 लोगों के पास है


MY TIMES TODAY. अभी तक हम सभी सधारणत: A, B, O या AB ब्लड समूह के बारे में जानते थे.पर आपको यह जानकर हैरानी होगी कि बॉम्बे ब्लड नामक एक ऐसा ब्लड ग्रुप है जो दुनिया का सबसे दुर्लभ ब्लड समूह है. यह दुनिया के मात्र चालीस लोगों के पास है.  इस ब्लड टाइप की खोज 56 साल पहले हुई थी. इसकी खोज 1952 में मुंबई के एक साइंटिस्ट ने की थी, जिसकी वजह से इसे बॉम्बे ब्लड का नाम दिया गया है. उस समय भी ये ब्लड ग्रुप केवल 4 लोगों में ही मिला था. ये ब्लड इतना दुर्लभ है कि पूरी दुनिया में केवल 9 लोग ही इसके डोनर हैं। इसके कारण इसे ब्लड को गोल्डन ब्लड भी कहा जाता है.

यह ब्लड टाइप Close Knit Communities में ज़्यादातर देखने को मिलता है. मुम्बई की 0.01% पॉपुलेशन में यह ब्लड टाइप पाया जाता है. इसके पीछे माता-पिता दोनों में Recessive Allele का होना सबसे बड़ी वजह होती है. इसके साथ ही आंतरिक प्रजनन भी इसका बड़ा कारण है.

1974 में 10 साल के बच्चे थॉमस को ब्लड में इंफेक्शन के बाद जिनेवा के यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया, पर हॉस्पिटल समेत ब्लड बैंक में भी थॉमस के ग्रुप वाला ब्लड नहीं मिला, जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई। थॉमस की मौत के बाद डॉक्टरों ने उसका ब्लड सैंपल एम्स्टर्डम और पेरिस भेजा, जहां डॉक्टरों को ये बात पता लगी कि उसके ब्लड में Rh था ही नहीं.

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