अयोध्या में रोशनी का रिकार्ड ,एक लाख 87 हजार दीए जलाए गए


MY TIMES TODAY. बुधवार को छोटी दिवाली के मौके पर अयोध्या में त्रेता युग की तर्ज पर अभूतपूर्व दिवाली का आयोजन किया गया. अयोध्या नगरी को दुल्हन की तरह सजाया गया. राम राज्य की परिकल्पना को ध्यान में रख कर आयोजित इस दिवाली का विहंग दृश्य देखने लायक था. पुष्पक विमान से राम लक्ष्मण के साथ माता सीता जब उतरी तो सीएम ने उनका स्वागत किया.इस दौरान नगर के चारो तरफ से विभिन्न राज्यों की झलकियां निकाली गयी .

रोशनी का बना विश्व रिकार्ड :

 

इसके बाद सीएम सरयू तट पहुंचे जहा पर उन्होंने 21 दीए जलाए. इस दौरान उनके साथ राज्यपाल राम नाईक,  उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, जगद्गुरू स्वामी वासुदेवाचार्य आदि ने भी दीए जलाए.इस तरह कुल 1 लाख 87 हजार से अधिक दीए जलाकार अयोध्या ने रोशनी का नया विश्व रिकार्ड कायम किया है.

दुनिया के 12 देशों के कलाकारों ने किया रामलीला : 

इस अभूत पूर्व अवसर पर दुनिया के 12 देशों के कलाकारों ने रामलीली का मंचन किया.जिसमें लेजर लाइट के जरिए रामोत्सव दिखाया जा रहा है. थाइलैंड, इंडोनेशिया आदि देशों के कलाकार ले रहे है भाग.

जगद्गुरू स्वामी वासुदेवाचार्य महाराज भी रहे मौजुद : 

इस दौरान अयोध्या कोसलेस सदन पीठाधीश्वर जगदगुरू स्वामी वासुदेवाचार्य भी मंच पर सीएम के साथ मौजुद रहे. सीएम योगी आदित्यनाथ ने वासुदेवाचार्य जी को शॉल भेंट कर स्वागत किया.साथ ही सीएम ने मंच पर मौजुद अन्य संतों को भी शॉल भेंट कर उनका स्वागत किया.

योगी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वह राम राज्य की परिकल्पना को साकार करने व अयोध्यावासियों के गौरव लौटाने के लिए आया हूं.

आईए जानते है योगी ने अपने संबोधन में क्या कुछ कहा :

देश को नकरात्मकता से सकरात्मकता की ओर ले जाने की शुरूवात है.हमारे पीएम ने देश को जो नेतृत्व दिया है वह हम सबके लिए प्रेरणा स्रोत है.

अयोध्या ने देश को दिवाली और दीपोत्सव मनाने का अवसर दिया है.अयोध्या को लगातार नकारा गया है और अयोध्या पर समय समय पर प्रहार होते रहे है.हमेंं अयोध्यया के गौरव को लौटाना हैै.

पूरे यूपी और अयोध्या को विश्व पर्यटन का हब बनाना है. इसके लिए यूपी को विशेष तौर पर तैयार किया जा रहा है.इसके लिए 133 करोड़ की योजना की स्वीकृति मिल गयी है.हमें अपने विरासत को सहेज कर रखना है.

अयोध्या को नगर निगम बनाया गया है. अयोध्या व यूपी के अन्य जगहों पर सार्वजनिक शौचालय, धर्मशाला, सड़क, बिजली, पानी की सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी.

पहले यूपी को जाति, धर्म और विकास के नाम पर बांट कर देखा जाता था.पहले की सरकार रावण राज्य की तर्ज पर थी.अब यूपी में सरकार राम राज्य की परिकल्पना को साकार करेगी.

हमारी सरकार नदियों की संस्कृति और पवित्रता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है.इसके लिए हमने सरयू जी की आरती का भी शुभारंभ किया है. सरकार घाटों के निर्माण के लिए भी प्रतिबद्ध है.

सरकार युवाओं के भविष्य और रोजगार सुनिश्चित करने लिए भी निरंतर प्रयासरत है.

2022 तक सबके सर के ऊपर छत, बिजली, सड़क पानी पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है.

रामलीला सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, दुनिया के छोटे बड़े 12 देशों में रामलीला का आयोजन किया जाता है.जिसमें कई मुस्लिम देश भी शामिल है.

आगे सरकार की योजना है कि रामायण महोत्सव के मौके पर एक मंच पर सभी देशों की रामलीलाओं का मंचन किया जाए.

सरकार ने 22 लाख घरों को बिजली दिया है. इसके साथ ही सरकार ने छात्रों के लिए एक करोड 53 लाख यूनिफार्म वितरित किए गए है.

जिस घर में कभी बिजली और चुल्हे नहीं थे उस घर में आज बिजली और गैस सिलिंडर है, यही तो रामराज्य है.

इस मौके पर सीएम ने लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रमाण पत्र भी वितरित किए.

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