तेरी सांसों को मेरी सांसों की उमर लग जाए


तुझे देखूं तो
लगता है बस देखता रहूं,
तुझपे लिखूं तो,
जी करता है बस लिखता रहूं,
ना देखने से जी भरता है,
ना लिखने से जी थकता है,
चाहत की एक बूंद भी तुमसे है,
हसरतों का हर समंदर भी तुमसे है,
लम्हों का एक एक कारवां भी तुमसे है,
जींदगी का हर सफर भी तुमसे है,
आस भी तुमसे है,
प्यास भी तुमसे है,
जीद भी तुझपे है,
उम्मीद भी तुमसे है,
तुझे पाकर मैं और भला क्या मांगू,
बस यही दुआ है,
तेरी सांसों को मेरी सांसों की उमर लग जाए….

Mr. Indrabhushan mishra

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तुझे देखूं तो लगता है बस देखता रहूं, तुझपे लिखूं तो, जी करता है बस लिखता रहूं, ना देखने से जी भरता है, ना लिखने से जी थकता है, चाहत की एक बूंद भी तुमसे है, हसरतों का हर समंदर भी तुमसे है, लम्हों का एक एक कारवां भी तुमसे […]