धर्म के अनुरूप ही कर्म का फल मिलता है : प्रो बीके कुठियाला

माय टाइम्स टुडे, भोपाल। हमारे कर्म का फल धर्म के अनुसार मिलता है। हमारे उत्थान व पतन का कारण भी कर्म ही है। इसलिए हमें कर्म करते समय उचित-अनुचित का ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि धर्म के अनुसार ही कर्म के फल का निर्धारण होता है। माखनलाल पत्रकारिता विवि के कुलपति प्रोफेसर बीके प्रो. कुठियाला ने ‘गीता में कर्मयोग’ विषय पर आयोजित व्याख्यान में ये बातें कही।प्रो. कुठियाला ने कहा कि हमारे ऋषि मुनियों ने कहा था कि यह सृष्टि मनुष्य को देवत्व की ओर ले जाती हैं। गीता में कर्मयोग के श्लोकों का…

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