तुझे देखूं तो लगता है बस देखता रहूं, तुझपे लिखूं तो, जी करता है बस लिखता रहूं, ना देखने से जी भरता है, ना लिखने से जी थकता है, चाहत की एक बूंद भी तुमसे है, हसरतों का हर समंदर भी तुमसे है, लम्हों का एक एक कारवां भी तुमसे […]

MY TIMES TODAY.  रात के अंधेरे मे अक्सर तेरी बातेँ याद आती हैँ, पलकेँ भीँग जाती हैँ जब तु हौले हौले मुस्कुराती हैँ, याद आते हैँ वो लम्हे जो साथ बिताए थे, निहारिका के बाहर जो गोलगप्पे खाये थे, जुबली पार्क की वो शाम कितनी सुहानी थी, जब मेरी बाहोँ […]