#93 के अटल जी की 93 कहानियां : दूसरी कहानी – विषम परिस्थितियों में भी अटल थे वाजपेयी जी

एमटीटी। “देश एक मंदिर है, हम पुजारी है, राष्ट्रदेव की पूजा में हमें खुद को समर्पित कर देना चाहिए”। इस साधारण से वाक्य से किसी की देश के प्रति पूर्ण समर्पण और निष्ठा झलकती है। ये बातें एक ऐसे शख्सियत ने कही है जिसका न कि किसी जाति या संप्रदाय से संबंध था, था तो बस इंसानियत से, भारतवर्ष के लोगों से । अपनी सादगी और विनम्र स्वभाव से लोगों के दिलो-दिमाग में खास जगह बनाई। एक ऐसे प्रधानमंत्री जिन्होनें लोकतंत्र की ललाट पर अपने विजय की कहानी स्वयं रची। अपने…

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#93 के अटल जी की 93 कहानियां: पहली कहानी- अटल कभी मरते नहीं

‘हिंदू तन-मन, हिंदू जीवन, रग-रग हिंदू मेरा परिचय’ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ राजनीति के एक युग का अवसान हो गया है। यह युग भारतीय राजनीति के इतिहास के पन्नों पर अमिट स्याही से दर्ज हो गया है। भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों, आदर्शों और सिद्धांतों को जानने के लिए अटल अध्याय से होकर गुजरना ही होगा। अटल युग की चर्चा और अध्ययन के बिना भारतीय राजनीति को पूरी तरह समझना किसी के लिए भी मुश्किल होगा। उन्होंने भारतीय राजनीति को एक दिशा दी। उन्होंने वह कर दिखाया, जिसकी…

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