मॉय टाइम्स टुडे। हिंदी दिवस विशेष।  हिन्दी अपने आविर्भाव काल से लेकर अब तक निरन्तर जनभाषा रही है। वह सत्ता की नहीं जनता की भाषा है। उसका संरक्षण और संवर्द्धन सत्ता ने नहीं, संतों ने किया है। भारतवर्ष में उसका उद्भव और विकास प्रायः उस युग में हुआ जब फारसी […]

लोकेंद्र सिंह। भाषा केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं है। बल्कि, इससे इतर भी बहुत कुछ है। भाषा की अपनी पहचान है और उस पहचान से उसे बोलने वाले की पहचान भी जुड़ी होती है। यही नहीं, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रत्येक भाषा का अपना संस्कार होता है। प्रत्येक व्यक्ति […]