देश की उन्नति के लिए युवाओं का सजग और सतर्क रहना आवश्यक: लोकेन्द्र सिंह

भोपाल।भारत आज दुनिया का सबसे युवा देश है। भारत के पास युवा ऊर्जा का भंडार है। लेकिन विचारणीय प्रश्न यह है कि हम अपनी इस ऊर्जा को किस तरह देखते हैं। दुनिया तो मान रही है कि भारत आने वाली सदी का राजा है। उसका भविष्य स्वर्णिम है। उसका ऐसा मानने के पीछे हमारे देश की युवा जनसंख्या है जो लगभग 60 प्रतिशत है। हमारी युवा पीढ़ी को यह विचार करना चाहिए कि क्या वास्तव में वह देश के लिए ताकत है? यह विचार विश्व संवाद केंद्र भोपाल के निदेशक व…

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शिवराज की ‘किसान पुत्र’ की छवि को चोट पहुँचाने की रणनीति

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की’यूएसपी’ है- किसान पुत्र की छवि। यह छवि सिर्फ राजनैतिक ही नहीं, अपितु वास्तविक है। शिवराज सिंह चौहान किसान परिवार से आते हैं। उन्होंने खेतों में अपना जीवन बिताया है। इसलिए उनके संबंध में कहा जाता है कि वह खेती-किसानी के दर्द-मर्म और कठिनाइयों को भली प्रकार समझते हैं। किसानों के प्रति उनकी संवेदनाएं ही हैं कि मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही किसानों की खुशहाली के लिए नीति बनाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। वह पहले मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने किसानों की आय…

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नारद जयंती समारोह : लोक कल्याण के लिए हो पत्रकारिता – लोकेंद्र सिंह

एमटीटी नेटवर्क। राजगढ़। लोकतंत्र की सफलता में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। लोकतंत्र की खूबसूरती और मजबूती के लिए पत्रकारिता का निष्पक्ष होना आवश्यक है। मीडिया का यह दायित्व होना चाहिए कि वह सामाजिक सद्भावना और सौहार्द को बनाए रखे। वह लोगों के हितों की बात करे। पत्रकार को लोक कल्याण की भावना को केंद्र में रखकर समाचार सम्प्रेषण करना चाहिए। यह विचार लेखक और विश्व संवाद केंद्र, भोपाल के निदेशक लोकेंद्र सिंह ने राजगढ़ में आयोजित नारद जयंती सम्मान समारोह में व्यक्त किये। “समाज, सद्भाव और मीडिया” विषय पर…

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लोकेन्द्र सिंह की पुस्तक ‘हम असहिष्णु लोग’ का विश्व पुस्तक मेले में विमोचन

भोपाल, 09 जनवरी। अर्चना प्रकाशन द्वारा प्रकाशित युवा लेखक एवं पत्रकार लोकेन्द्र सिंह की पुस्तक ‘हम असहिष्णु लोग‘ का विमोचन दिल्ली में आयोजित विश्व पुस्तक मेले में किया गया। यह पुस्तक उन सब अभियानों पर तीखे प्रश्न उठाती है, जिनके माध्यम से वामपंथी साहित्यकारों, कलाकारों, इतिहासकारों एवं तथाकथित बुद्धिजीवियों ने विश्व पटल पर देश की छवि को विकृत करने का प्रयास किया। सहिष्णु भारत को असहिष्णु साबित करने के सभी षड्यंत्रो के विरुद्ध लेखक ने अपनी कलम चलाई है। अपने लेखों के माध्यम से उन्होंने देशभक्ति से रहित और बौद्धिक उद्दण्डता से उन्मत्त लोगों की स्वयंभू नैतिकता पर…

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वैचारिक मतभेद हो सकते है पर जनसरोकारों के साथ मतभेद नहीं : जे नंद कुमार

माय टाइम्स टुडे। भोपाल, 07 दिसम्बर। प्रज्ञा प्रवाह के राष्ट्रीय संयोजक श्री जे. नंद कुमार ने कहा कि पत्रकारों का यह दायित्व है कि वह वैचारिक दृष्टि से उपर उठकर सामाज में शांति बनाए रखने के लिए कार्य करें। आपस में वैचारिक मतभेद हो सकते है पर जनसरोकारों के साथ मतभेद नहीं होना चाहिए। पत्रकार को संस्थान और स्वयं के विचार के प्रति जवाबदेह न होकर जनता के प्रति समर्पित रहना चाहिए। वह विश्व संवाद केंद्र, भोपाल की ओर से आयोजित ‘वर्तमान समय में कलम और विचार का द्वंद्ध’ विषय पर…

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