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एक गांव ऐसा भी जहां खेतों में शौच के लिए देने पड़ते है पैसे

मॉय टाइम्स टुडे आपको जानकर हैरानी होगी कि खेतों में शौच के लिए पैसे देना पड़ता है। पर यह खब़र एकदम सच है। जहां एक तरफ भारत सरकार स्वच्छता को लेकर घर घर गांव गांव शौचालय बनाने का ढ़िडोंरे पीट रह हैं वही एक ऐसा भी गांव है जहां खेतों में शौच करने के लिए हर महीने एडवांस में 40 देने होते है।। यह पाबंदी यूपी के बांदा जिले के अतर्रा शहर के नजदीक बसे भुजवन पुरवा गांव के दलित परिवारों पर करीब डेढ़ दशक से लागू है। शर्त यह भी है कि जो दलित परिवार जिसके खेतों में शौच के लिए जाता है, उस परिवार की महिलाओं को फसलों की बोआई-कटाई के समय उसी व्यक्ति के खेतों में मजदूरी करनी पड़ती है। वह भी 70 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से। महीने में अगर तीन बार दो से ज्यादा मेहमान आए तो दस रुपये अतिरिक्त देने पड़ते हैं। शर्त न मानने वालों को खेतो में शौच नहीं करने दिया जाता। ऐसे में उन्हें शौच करने करीब तीन किमी दूर रोड पटरी या दूर जंगल में जाना पड़ता है।