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स्तनपान तय करेगा , बच्चा लेफ्टी होगा या राइट हैंडेड

क्या आपको पता है, आपका बच्चा बड़ा होकर लेफ्टी बनेगा या फिर राइटी होगा मतलब वो दायें हाथ का इस्तेमाल करेगा या फिर बायां, यह बात आपके स्‍तनपान पर भी निर्भर करता है। यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन में हुए अध्ययन के अनुसार एक शोध में पता चला है कि बच्चे को स्तनपान यानी ब्रेस्टफीडिंग का समयावधि शिशु के हाथ का उपयोग करने पर असर डाल सकता है। इस शोध के अनुसार नौ माह से ज्यादा समय तक स्तनपान करने वाले शिशु दाएं हाथ से काम करते हैं। दूसरी तरफ पाया गया कि जिन शिशुओं ने 9 माह से कम दूध पिया है या बोतल से दूध पिया, उनमें बाएं हाथ से काम करने वाले अधिक मिले। यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन के प्रफेसर फिलिप हुजोयल कहते हैं कि बच्चा राइटी होगा या लेफ्टी, यह बात बहुत हद तक बच्चे के जीन्स पर भी निर्भर करती है।

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कर्नाटक चुनाव : कर्नाटक में ‘नाटक’ बहुत है

एमटीटी नेटवर्क। कर्नाटक चुनाव के परिणाम घोषित हो गए है. किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है. जो परिणाम आये हैं उसमें भाजपा को 104, कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 38 सीटें मिली है. जबकि अन्य के खाते में दो सीटें गयी है. इस आंकड़े से स्पष्ट है कि जनादेश जरूर भाजपा को मिला है लेकिन सत्ता किसे मिलेगी इसके लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा.

हर बार बीजेपी बाजी मार लेती है लेकिन इस बार कांग्रेस ने मास्टर स्ट्रोक खेला और बिना शर्त जेडीएस को समर्थन दे दिया. जेडीएस ने कांग्रेस का प्रस्ताव भी स्वीकार कर लिया . यह वही कांग्रेस है जो चुनाव के समय जेडीएस को भाजपा की बी पार्टी कहती थी. आज वही कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन कर रहे है. सत्ता का मोह दोनों को है और सत्ता क्या न करा दें. खैर इनसब के बीच बीजेपी कहां पीछे रहने वाली थी. बीजेपी ने भी आनन फानन में राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया. फिलहाल दोनों ही दल अपनी अपनी सरकार बनाने में लगे है लेकिन सरकार किसकी बनेगी इसके लिए अभी कर्नाटक में बहुत नाटक होने है. खैर अब गेंद राज्यपाल के पाले में है कि वह सरकार बनाने का मौका किसे देते हैं. सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते भाजपा आपना दावा कर रही है तो वही कांग्रेस और जेडीएस बहुमत का आंकड़ा देकर अपना दावा कर रही है. अब इस संदर्भ में भी राजनीतिक विमर्श होने लगे है कि राज्यपाल को किसे मौका देना चाहिए. सबसे बड़ी पार्टी को या चुनाव बाद के गठबंधन को. वैसे राज्यपाल कुछ भी करने को स्वतंत्र है. वह चाहे तो भाजपा को बड़ी पार्टी होने का मौका दे सकते है. क्योंकि कांग्रेस और जेडीएस का गठबंधन चुनाव के बाद का है.ऐसे में वह कांग्रेज जेडीएस को मौका देने के लिए मजबूर नहीं है.