#मेरेअटल : ‘भारत रत्न अटल जी’ प्रचारक से पीएम तक का सफर

एमटीटी। मेरे अटल। अटल जी को  नमन।  हिंदुस्तान की राजनीति के अजातशत्रु अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर, मध्यप्रदेश में हुआ। इनके पिता का नाम कृष्णा बिहारी वाजपेयी और माता का नाम कृष्णा देवी था। इनके पिता अपने गाँव के स्कूल में स्कूलमास्टर थे। वे बहुत ही अनुशासित और कविता प्रिय थे। यही वजह है कि वाजपेयी को भी बचपन से ही कविताओं से लगाव रहा। शिक्षा : वाजपेयी ने प्रारम्भिक शिक्षा गोरखी विद्यालय से प्राप्त की और बाद में आगे की पढाई ग्वालियर के विक्टोरिया…

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FCI में निकली है भर्ती जल्द करें आवेदन

भर्ती विवरण – विभाग का नाम – food corporation of india पद का नाम :- कार्यालय सहायक कुल पद :- 39 आयु सीमा- इन पदों पर उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 साल और अधिकतम आयु 28 साल निर्धारित की है। आयु में छूट जानकारी के लिए विज्ञापन पढ़े। शैक्षणिक योग्यता- इन पदों पर आवेंदन करने के लिए उम्मीदवार को मान्यता प्राप्त संस्थान से 10वीं पास होना जरूरी है । कब करें आवेदन- इन पदों पर आवेंदन करने की लास्ट डेट 07 अगस्त है , युवाओ से अनुरोध है लास्ट डेट…

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नीतीश – शाह “हर एक मुस्कुराहट मुस्कान नहीं होती”

#ख_से_खबर। नफरत हो या मोहब्बत आसान नहीं होती, हर एक मुस्कुराहट मुस्कान नहीं होती। यह पंक्तियां बिहार की राजनीति में बहुत हद तक सही साबित हो रही हैं। इन दिनों बिहार में आगामी लोकसभा को देखते हुए एनडीए में सीटों के बंटवारे को लेकर सियासी पारा हाई है। अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि कौन कितनी सीटों पर चुुुुनाव लड़ेगा। सभी सहयोगी दल अपने- अपने दावे जरूर ठोक रहे हैं, पर खुलकर कोई न तो बोल पा रहा है न ही खामोशी की चादर ओढ़े सो पा रहा…

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मोदी की हत्या की साजिश पर सियासत ठीक नहीं

एमटीटी नेटवर्क। देश में पीएम मोदी की हत्या की साजिश को लेकर सियासत तेज हो गयी है. सरकार और विपक्ष दोनों ही इस मुद्दें पर सियासत कर रही है. भाजपा विपक्ष पर निशाना साध रही है वही विपक्ष भाजपा को इसे राजनीतिक प्रोपेगेंडा करने का आरोप लगा रही है. प्रश्न यह है कि क्या पीएम की हत्या की साजिश पर राजनीति होनी चाहिए. क्या इस मुद्दें को दलित राजनीति का रंग देना सही है. दरअसल इस साजिश का खुलासा तब हुआ जब पुणे पुलिस ने भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में पांच आरोपियों को…

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कविता – न तुझको पता न मुझको पता

एमटीटी नेटवर्क।  मैं जब भी देखता हूं, तुझको ही देखता हूं, क्यों देखता हूं, ना तुझको पता न मुझको पता… जब भी सोचता हूं, तुझको ही सोचता हूं, क्या ख़्याल है क्या हाल है न तुझको पता न मुझको पता…. धूप है कि छांव है, ना गति है न ठहराव है, जहां तुम हो वहां मैं हूं कैसे कहें किससे कहें न तुझको पता न मुझको पता….#Mr.IBM

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