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बिहारी बाहर जाने कि बजाए पटना एम्स में कराए बेहतर इलाज : अश्विनी चौबे


MY TIMES TODAY. केंद्रीय मंत्री और बक्सर से सांसद अश्विनी कुमार चौबे ने रविवार को एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि पटना का एम्स अब हर तरह की सुविधाओं से लैस है. यहां हर छोटी बड़ी बिमारियों का इलाज बेहतर तरीके से हो रहा है. केंद्रीय मंत्री ने बिहार के लोगों से अपील किया कि वह छोटी- छोटी बिमारियों के लिए दिल्ली जाने के बजाए पटना एम्स में ही इलाज कराएं. अपने संबोधन में श्री चौबे ने कहा कि बिहार से लगभग 30-40% लोग इलाज के लिए दिल्ली एम्स जाते है. अगर लोगों को पटना एम्स के लिए जागरूक किया जाए तो बहुत हद तक भीड़ को नियंत्रित किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि 2019 तक देश में 12 एम्स बनाने का लक्ष्य है.

हालांकि विपक्ष ने चौबे के बयान को बिहारियों का अपमान बताया है. कांग्रेस नेता प्रेमचंद्र मिश्रा ने अश्विनी चौबे से इस बयान को लेकर बिहार की जनता से माफी मांगने व प्रधानमंत्री से ऐसे मंत्री को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है. वहीं राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया में अश्विनी चौबे को मानसिक दिवालियेपन का शिकार बताते हुए कहा कि भाजपा ने हमेशा ही बिहार और बिहारियों का अपमान किया है.

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मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार आज : बिहार से ये बन सकते है मंत्री

MY TIMES TODAY. मोदी सरकार के मंत्रिमंडल का  विस्तार रविवार सुबह 10.30 बजे होगा। जिसमें नए चेहरे को जगह दी जाएगी। जिन नौ चेहरों को कैबिनेट में शामिल करने का फैसला किया गया है उनमें उत्तर प्रदेश के शिवप्रताप शुक्ल और सत्यपाल सिंह, बिहार के आरके सिंह और अश्विनी कुमार चौबे, कर्नाटक से अनंत कुमार हेगड़े, राजस्थान के गजेंद्र सिंह शेखावत, केरल के अलफोंस कननथामन, मध्य प्रदेश वीरेंद्र कुमार और पंजाब के पूर्व आईएफएस अधिकारी हरदीप सिंह पुरी शामिल हैं। भाजपा की सहयोगी दलों जदयू, शिवसेना और टीडीपी से बातचीत अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंचने के कारण इस विस्तार में भाजपा से जुड़े चेहरों को ही जगह देने का फैसला किया गया है। इसके अलावा अन्नाद्रमुक के दोनों धड़ों में विलय नहीं होने के कारण इसे भी विस्तार में जगह नहीं दी है। सहयोगी दलों को भागीदारी न मिलने के कारण मंत्रिमंडल में एक और विस्तार की संभावना बाकी है। नौ नामों पर सहमति बनाने से पहले शनिवार को दिन भर माथापच्ची होती रही। मथुरा में संघ प्रमुख सहित संघ के आला अधिकारियों से दो बार विमर्श के बाद दिल्ली पहुंचे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने घंटों माथापच्ची की। उसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अंतिम विमर्श के बाद नौ नामों को मंजूरी दी गई। सहयोगी दलों के साथ विभागों और कैबिनेट में सीटों की संख्या का मामला न सुलझने के कारण सिर्फ पार्टी से ही जुड़े लोगों को शपथ दिलाने पर सहमति बनी।