साक्षात्कार: प्राकृतिक खेती के माध्यम से पर्यावरण बचाने का जामवंती प्रयास

MY TIMES TODAY. पतंजलि झा भारतीय राजस्व विभाग में आयुक्त है.वह वर्तमान में भोपाल में रहते है. दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनोमिक्स से पढ़ाई करने के बाद श्री झा जी ने 1986 में भारतीय राजस्व विभाग में आयुक्त पद पर अपनी सेवा देना शुरू किया. झा जी हमेशा से समाज और लोक कल्याणकारी जन सरोकारों से जुड़े रहे है. पिछले 14 सालों से वह मध्यप्रदेश में प्राकृतिक खेती के माध्यम से न सिर्फ खेती को प्रोत्साहित कर रहे हैं बल्कि अपने इस अनूठे प्रयोग से पर्यावरण को बचाने का असाधारण कार्य भी…

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सीतामढ़ी में गरीबों के बीच शिक्षा का अलख जगा रहे है सन्नी दसवी तक के बच्चों को मिलती है मुफ्त शिक्षा

MY TIMES TODAY. सीतामढ़ी। बिहार के सीतामढ़ी से करीब 21 किलोमीटर की दूरी पर एक गांव है बिशनपुर गोनाही. इस गांव में दूर – दूर तक शिक्षा की सुचारू व्यवस्था नहीं है. गांव में ज्यादातर गरीब लोग है जो स्वयं अपने बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने में सक्षम नहीं है. खासकर के मुस्लिम समुदाय के बच्चों की शिक्षा की स्थिति और भी चिंताजनक है. इस गांव के युवक सन्नी कुमार भारती ने 2012 में ‘ नवयुग सृजन’ नाम से एक संस्था बनाई जिसके माध्यम से वह ग्रामिणों और गांव के…

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UPSC 2016 में 14 वां रैंक लाने वाले उत्सव कौशल का साक्षात्कार

MY TIMES TODAY. यूपीएससी परीक्षा 2016 में दरभंगा के रहने वाले उत्सव कौशल को देशभर में 14 वां स्थान प्राप्त है. वर्तमान में उत्सव भारतीय प्रशासनिक सेवा में कार्यरत है. दरभंगा जैसे छोटे शहर से यूपीएससी तक के सफर के बारे में माय टाइम्स टुडे के इंद्रभूषण मिश्र ने उत्सव कौशल से बातचीत की, आईए जानते है किस तरह से उत्सव कौशल अपने मुकाम तक पहुंचने में कामयाब रहे …. . उत्सव जी दरभंगा से यूपीएससी तक का सफर कैसा रहा? उत्सव : मेरी प्रारंभिक शिक्षा बिहार के दरभंगा में…

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युवा पत्रकारों को यह साक्षात्कार अवश्य पढ़ना चाहिए

माय टाइम्स टुडे। आज हमारे साथ है देश के जाने माने वरिष्ठ पत्रकार सुमंत भट्टाचार्य। आज के दौर में पत्रकारिता कैसी होनी चाहिए? युवा पत्रकारों को किस तरह से पत्रकारिता करनी चाहिए? ऐसे गंभीर सवालों का जवाब ढुंडने के लिए हमने सुमंत भट्टाचार्य से विशेष बात- चीत की है। एक पत्रकार का जीवन कैसा होना चाहिए ? सुमन्त – पत्रकारिता दरसल समाज के विश्वास की पूंजी पर चलती हैं, इसलिए एक पत्रकार का जीवन पारदर्शी होना चाहिए, ठीक उसी तरह जैसे एक भारतीय संत का जीवन होता हैं जिनका शयन कक्ष…

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हमारी पत्रकारिता में भी ‘राष्ट्र सबसे पहले’ होना चाहिए

MY TIMES TODAY.मौजूदा  दौर में समाचार माध्यमों की वैचारिक धाराएं स्पष्ट दिखाई दे रही हैं। देश के इतिहास में यह पहली बार है, जब आम समाज यह बात कर रहा है कि फलां चैनल/अखबार कांग्रेस का है, वामपंथियों का है और फलां चैनल/अखबार भाजपा-आरएसएस की विचारधारा का है। समाचार माध्यमों को लेकर आम समाज का इस प्रकार चर्चा करना पत्रकारिता की विश्वसनीयता के लिए ठीक नहीं है। कोई समाचार माध्यम जब किसी विचारधारा के साथ नत्थी कर दिया जाता है, जब उसकी खबरों के प्रति दर्शकों/पाठकों में एक पूर्वाग्रह रहता है। वह समाचार…

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