कविता – न तुझको पता न मुझको पता

एमटीटी नेटवर्क।  मैं जब भी देखता हूं, तुझको ही देखता हूं, क्यों देखता हूं, ना तुझको पता न मुझको पता… जब भी सोचता हूं, तुझको ही सोचता हूं, क्या ख़्याल है क्या हाल है न तुझको पता न मुझको पता…. धूप है कि छांव है, ना गति है न ठहराव है, जहां तुम हो वहां मैं हूं कैसे कहें किससे कहें न तुझको पता न मुझको पता….#Mr.IBM

Read More

शायद मुझे दिल्लगी हो गयी है

एक हलचल सी हुई है, शायद मुझे दिल्लगी हो गयी है, बात पुरानी है, मगर लगती नयी है, जैसे आज ही, अब ही हुई है, साथ पुराना है, मगर तराने आज भी वही है, इश्क है पर कह पाता नहीं, चुप रहूं तो कैसे रहूं, खामोशियों से खेलना आता नहीं, अब तो बस एक ही धून पड़ी है, आंख बंद किया और वो सामने खड़ी है, जैसे आज ही, अब ही हुई है, शायद मुझे दिल्लगी हो गयी है…… Mr.IBM

Read More

कलेजा चाहिए खबरों से दिल लगाने के लिए : जश्न ए उर्दू भोपाल

माय टाइम्स टुडे,भोपाल।आज भले ही पत्रकारिता मिशन की बजाए फ्रोफेशन बन गयी है। देश के बड़े बड़े कॉरपोरेट्स मीडिया पेशे को उत्पाद के रूप में बेचने लगे हैं। दिन पर दिन लोगों का खबरों और उसकी विश्वसनियता पर संदेह होने लगा हैं। लेकिन खबरों के बाजारीकरण के इस दौर में भी बहुत से ऐसे पत्रकार है जो किसी भी किमत पर सच से समझौता करने को तैयार नहीं है। जश्न ए उर्दू समापन समारोह में अपनी बात रखते हुए वरिष्ठ पत्रकार डॉ मेहताब आलम ने ये बात कही। उन्होंने शायराने…

Read More

तेरी सांसों को मेरी सांसों की उमर लग जाए

तुझे देखूं तो लगता है बस देखता रहूं, तुझपे लिखूं तो, जी करता है बस लिखता रहूं, ना देखने से जी भरता है, ना लिखने से जी थकता है, चाहत की एक बूंद भी तुमसे है, हसरतों का हर समंदर भी तुमसे है, लम्हों का एक एक कारवां भी तुमसे है, जींदगी का हर सफर भी तुमसे है, आस भी तुमसे है, प्यास भी तुमसे है, जीद भी तुझपे है, उम्मीद भी तुमसे है, तुझे पाकर मैं और भला क्या मांगू, बस यही दुआ है, तेरी सांसों को मेरी सांसों…

Read More

तेरा होकर भी तुझमे मौन हूं मैं…

MY TIMES TODAY. mytimestoday.com किसी ने पूछा मेरे कौन हो तुम, मेरा जबाब कुछ यूं था, दिल से देखो तो आपके आईने की सूरत हूं, महसुस करो तो रुह से रुह तक की जरुरत हूं, प्यास लगे तो मुझे पी लेना, धड़कने गर थमे तो मेरी सांसों मे जी लेना, नींद गर ना आए तो मेरी आंखों मे सो जाना, कुछ ख्वाब गर जो अधुरे रह गए तो मेरे ख्वाबों को ले जाना, जीते जी कुछ काम आ सकू तो अपना लेना, गर फिर भी जो कुछ अधुरा रह गया…

Read More