पत्रकारिता विश्वविद्यालय के लाखों रुपए डकार गए पूणेंदु का असली चेहरा

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के विरुद्ध मुहिम चलाने वाले पूर्व पत्रकार पूर्णेंदु शुक्ला ने विश्वविद्यालय से लाखों रुपये की फैलेशिप ली, किंतु अपना शोध प्रबंध जमा नहीं किया। विश्वविद्यालय ने जब उन पर दबाव बनाया तो वे ब्लैकमैलिंग पर उतर आए। अंतत: विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलसचिव डॉ. चंदर सोनाने ने उनके खिलाफ न्यायालय में मुकदमा कर दिया। जिसके बाद बौखलाए पूर्णेंदु पूर्णकालिक रूप से माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय की सुपारी लेकर गली-गली घूम रहे हैं। कुछ कुंठित वामपंथी पत्रकारों की शरण में जाकर वह विषवमन करते रहते हैं तथा एक राष्ट्रीय स्तर की संस्था को बदनाम करने में लगे हुए हैं। इतनी ही नैतिकता है तो पहले पूर्णेंदु शुक्ला को अपना शोध प्रबंध विश्वविद्यालय में जमा करना चाहिए अथवा विश्वविद्यालय से डकारे गए लाखों रुपये वापस लौटाने चाहिए।

आज के वामपंथी पूर्णेंदु संघ की संस्था पर कर रहे थे शोधकार्य :

सरकारी पैसा डकारने की हवस में कोई वामपंथी पत्रकार कितना गिर सकता है, पूर्णेंदु शुक्ला इसके उदाहरण हैं। उन्होंने आरएसएस की संस्था हिंदुस्थान समाचार की पत्रकारिता पर शोधकार्य के लिए माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय से लाखों रुपये लिए, दिल्ली की खूब यात्राएं कीं और पैसे डकारे। किंतु,अब जबकि विश्वविद्यालय ने उनके खिलाफ शोधकार्य जमा नहीं करने पर कोर्ट केस कर दिया तो वे अपनी गलती छिपाने के लिए विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा से खेल रहे हैं और उसकी छवि धूमिल करने के लिए कांग्रेस नेताओं के तलवे चाट रहे हैं।

शिक्षा का कांग्रेसीकरण, पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति का जबरन लिया इस्तीफा

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