कश्मीर से कन्याकुमारी तक हम एक हैं, जिस जमीन ने हमें सब कुछ दिया, उसके प्रति हमारी वफादारी होनी ही चाहिए – संजय द्विवेदी

MY TIMES TODAY. मनुष्य संभावनाओं का पुंज है। वह प्यार और मोहब्बत से जीना चाहता है। कोई नहीं चाहता कि किसी का खून बहे। कश्मीर की खूबसूरत वादियों को हमने फिल्मों के माध्यम से देखा है और आज इतनी खूबसूरत जमीं पर इस तरह का मंजर क्यो हैं? यह विचार एमसीयू के कुलसचिव संजय द्विवेदी ने व्यक्त किये। वे जल एवं भूमि प्रबंधन संस्थान में नेहरू युवा केन्द्र संगठन द्वारा आयोजित “वतन को जानो कार्यक्रम” में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं को सही दिशा देने की जरूरत है।  हमारे नौजवानों के पास कई अवसर हैं , उनकी प्रतिभा का विस्फोट होना अभी बाकी है।

Image may contain: 10 people, including Sanjay Dwivedi, people standing

जमीन हमेशा निर्दोष होती है :  द्विवेदी ने कहा कि जमीन हमेशा निर्दोष होती है। उस जमीन पर अगर आप अाग जलाएंगे तो आग पैदा होगी, पेड़ लगाएंगे तो पेड़ पैदा होंगे। पेड़ों को आग लगाएंगे तो पेड़ जल जाएंगे। इस लिए जिस जमीन ने हमें पैदा किया, हमें सब कुछ दिया, उस जमीन के प्रति हमारी वफादारी होनी चाहिए।

कश्मीर से कन्याकुमारी तक हम एक हैं : हम कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक एक हैं। हमें तोड़ने की नहीं, बल्कि जोड़ने के सूत्र पर विचार करना चाहिए। हमें विचार करना चाहिए कि किन कारणों से हम एक हैं। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से हमें अपनी समस्याओं से लड़ना चाहिए, संघर्ष करना चाहिए। लेकिन हिंदुस्तान से नहीं लड़ना चाहिए। उन्होंने दिवंगत राष्ट्रपति डॉ कलाम का जिक्र करते हुए कहा कि हमें उन से सीख लेनी चाहिए, प्रेरणा लेनी चाहिए। द्विवेदी ने कहा कि भारत एक ऐसा देश है जहां सबसे कम समस्याएं हैं। अगर हम एक होकर काम करते हैं तो किसी भी समस्या से निपट सकते हैं।

Author profile

वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, प्रखर राजनीतिक विश्लेषक तथा वर्तमान में माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल में जनसंचार विभाग के अध्यक्ष हैं। 

You may also like...

MY TIMES TODAY
Right Menu Icon