#93 के अटल जी की 93 कहानियां : दूसरी कहानी – विषम परिस्थितियों में भी अटल थे वाजपेयी जी

एमटीटी। “देश एक मंदिर है, हम पुजारी है, राष्ट्रदेव की पूजा में हमें खुद को समर्पित कर देना चाहिए”। इस साधारण से वाक्य से किसी की देश के प्रति पूर्ण समर्पण और निष्ठा झलकती है। ये बातें एक ऐसे शख्सियत ने कही है जिसका न कि किसी जाति या संप्रदाय से संबंध था, था तो बस इंसानियत से, भारतवर्ष के लोगों से । अपनी सादगी और विनम्र स्वभाव से लोगों के दिलो-दिमाग में खास जगह बनाई। एक ऐसे प्रधानमंत्री जिन्होनें लोकतंत्र की ललाट पर अपने विजय की कहानी स्वयं रची। अपने…

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