अटल जी के साथ ही शुरू हुआ था विद्याचरण शुक्ल का करियर

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रायपुर : पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी का गुरूवार को निधन हो गया। उन्होंने 93 वर्ष की आयु में एम्स में अंतिम सांस ली। अटल जी का छत्तीसगढ़ से गहरा नाता रहा है। राज्य के निर्माता होने के साथ- साथ वाजपेयीजी के कई यादें छत्तीसगढ़ से जुड़ी है।

छत्तीसगढ़ के दिवंगत नेता विद्याचरण शुक्ल का राजनीतिक कैरियर शुरू हुआ था। दोनों ही नेता 1957 मे पहली बार  लोकसभा का चुनाव जीतकर संसद में  पहुंचे थे। उस वक्त पंडित विद्याचरण शुक्ल की उम्र  केवल 27 साल थी। वहीं वाजपेयी जी तब 32 साल के थे। विद्याचरण सत्ता पक्ष यानी कांग्रेस की ओर से सांसद चुने जाते थे और उस समय के सबसे कम उम्र के सांसद  थे। सदन में में रहते हुए दोनों युवा सांसदों  में अच्छी मित्रता हो गई। अटलजी अपनी ओजस्वी और ज्ञान भरी स्पीच के लिए प्रसिद्ध हो गए । उस जमाने में देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू अटल जी के  भाषणों से खासे प्रभावित थे। वह दोनों युवा सांसदों के बारे में कहा करते थे कि अटल जी के जुबान पर सरस्वती का निवास है वही विद्याचरण जी के तेज तर्रार वक्तव्य को भी वे पसंद करते थे।

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