देश की उन्नति के लिए युवाओं का सजग और सतर्क रहना आवश्यक: लोकेन्द्र सिंह

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भोपाल।भारत आज दुनिया का सबसे युवा देश है। भारत के पास युवा ऊर्जा का भंडार है। लेकिन विचारणीय प्रश्न यह है कि हम अपनी इस ऊर्जा को किस तरह देखते हैं। दुनिया तो मान रही है कि भारत आने वाली सदी का राजा है। उसका भविष्य स्वर्णिम है। उसका ऐसा मानने के पीछे हमारे देश की युवा जनसंख्या है जो लगभग 60 प्रतिशत है। हमारी युवा पीढ़ी को यह विचार करना चाहिए कि क्या वास्तव में वह देश के लिए ताकत है? यह विचार विश्व संवाद केंद्र भोपाल के निदेशक व लेखक लोकेंद्र सिंह ने व्यक्त किये। वे एम.व्ही.एम कॉलेज में आयोजित यंग थिंकर्स प्री कॉन्क्लेव मेें युवाओं को कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि जब तक युवा का समर्पण उसके देश के प्रति नहीं होगा, उसके विचार में, उसके चिंतन में, उसके कर्म में, राष्ट्र पहले नहीं होगा। ऐसे में क्या यह युवा शक्ति भारत की ताकत बन सकती है? इसका मूल्यांकन स्वयं भारत के युवाओं को करना चाहिए।आज देश जो सपना देख रहा है, उसे पूरा करने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी युवाओं के कंधे पर है। यह सत्य है कि युवा ही किसी देश के विकास, उसकी ताकत और उसके सामर्थ के पीछे की शक्ति होते हैं। उन्होंने यूरोप के एक राजा के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि यूरोप का एक राजा लगातार युद्ध जीतने चले जा रहा था उसके सेनापति ने उससे पूछा सम्राट आप यह कैसे तय करते हैं कि किस देश को जीतना आसान है, किस देश पर आक्रमण करना चाहिए। सम्राट ने कहा कि यह कोई कठिन कार्य नहीं है ,बहुत आसान है। मैं अपने गुप्तचर को उस देश में भेज देता हूं और उनसे सिर्फ इतना कहता हूं कि वह युवाओं के संवाद को सुनें, उनके बीच उठे – बैठे, उनकी दिनचर्या को देखे और मुझे आकर उस संदर्भ में पूरी जानकारी देवें। इतनी जानकारी से ही मैं इस बात का अंदाजा लगा लेता हूं कि किस देश को परास्त करना कितना आसान और कठिन है। जिस देश के युवाओं की बातचीत में उनके सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दे नहीं होते, इसका अर्थ है कि उन युवाओं के लिए राष्ट्र और  राष्ट्रीय मुद्दे प्राथमिक नहीं है।

लोकेंद्र ने कहा कि जिस देश का युवा राष्ट्र के साथ नहीं होता, उस को परास्त करना कठिन कार्य नहीं है। यह प्रसंग बताता है कि देश की सुरक्षा, उसकी समृद्धि, उसकी ताकत और उसकी प्रतिष्ठा के पीछे जागरूक सजग और राष्ट्रभक्त नौजवानों की ताकत होती है।इसलिए आज जब दुनिया में भारत की धमक बढ़ रही है तो उसका कारण भारत का प्रतिभावान और देश प्रेमी युवा है। उन्होंने कहा कि परिवर्तन का नाम ही युवा है, इसीलिए भारत ने परिवर्तन की जो अंगड़ाई ली है, उसको पूरा करने में भारत के नौजवानों को अपनी भूमिका तलाशनी चाहिए। हम छोटे छोटे प्रयासों से देश के अग्रसर होने में महत्वपूर्ण योगदान कर सकते हैं,ठीक उसी प्रकार जिस तरह सेतु निर्माण के समय राम काज में गिलहरी ने योगदान दिया था।

मध्यप्रदेश में आयोजित हो रहे यंग थिंकर्स कॉन्क्लेव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण आयोजन है। इस आयोजन में प्रदेशभर से 300 विचारवान युवा शामिल होने वाले हैं। यह एक मंच है जो ऐसे युवाओं को एक साथ लेकर आएगा,जो राष्ट्र हित के मुद्दों पर चिंतन करते हैं ,मनन करते हैं और यथासंभव उन पर काम भी करते हैं। यह कार्यक्रम एक सकारात्मक ऊर्जा को जोड़ने का काम करेगा। यह सकारात्मक ऊर्जा ही देश में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी। आज जिस समय में हम जी रहे हैं, उस समय में युवा पीढ़ी को दिशा देने के लिए इस प्रकार के आयोजनों की आवश्यकता है। यह समय भटकाव का भी है, युवा उस भटकाव में न खो जाए इसलिए सही मार्ग पर स्वयं भी आगे बढ़े और अपने परिवार ,समाज और देश को भी आगे ले जाएं।

इस मौके पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.व्ही.के.श्रीवास्तव ने युवा छात्रों को सकारात्मक विचार रखने वाले महापुरूषों से सीख लेने की बात कही।

वहीं इस मौके पर प्राध्यापक डॉ.संजय दीक्षित ने कहा कि हमें राष्ट्र के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए।हमें राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाना चाहिए। महाविद्यालय के पूर्व छात्र सुनील कुमार साहू ने कहा कि हमारी भारतीय संस्कृति ने दुनिया को जो भी दिया उसे सहर्ष स्वीकार किया गया है। हमारी भारतीय संस्कृति महान है और उसके गौरव को नहीं भूलना चाहिए। इस दौरान रासेयो कार्यक्रम अधिकारी डॉ.लक्ष्मी बरेलिया एवं दीपक अग्निमित्र भी उपस्थित रहे।

प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित हो रहे हैं प्री-टॉक :

इस अवसर पर उपस्थित वायटीसी के समन्वयक श्री आशुतोष ठाकुर ने कहा कि विचारवान युवाओं को जोडऩे के लिए मुख्य कार्यक्रम से पूर्व प्रदेश के सभी जिलों में प्री कॉन्क्लेव टॉक का आयोजन किया जा रहा है। लगभग सभी जिलों में यह प्री-टॉक आयोजित हो चुके हैं। दो दिवसीय यंग थिंकर्स कॉन्क्लेव में हिस्सा लेने के लिए सभी जगह से युवाओं ने ऑनलाइन पंजीयन कराया है।ytfbharat.com पर 28 जुलाई तक मध्यप्रदेश के 30 साल की आयु तक के युवा अपना पंजीयन करा सकते हैं। वायटीसी-2018 का आयोजन 11-12 अगस्त को राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल में होगा। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में आन्तरेप्रेन्योर, सामाजिक कार्यकर्ता, लेखन क्षेत्र, पत्रकार, कलाकार और ब्लॉगर्स सम्मिलित करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश से अब तक डेढ़ हजार से अधिक युवाओं ने पंजीयन कराया है, चयन समिति इनमें से 300 युवाओं का चयन करेगी। यंग थिंकर कॉनक्लेव का सर्वप्रथम लक्ष्य यही है कि युवाओं को एक सार्थक विमर्श करने और देखने का अवसर मिले, उनका वैचारिक दायरा बढ़े और उनके माध्यम से देशहित के सार्थक प्रयास हों। श्री ठाकुर ने बताया कि भोपाल में अन्य शिक्षा संस्थानों के विद्यार्थियों के बीच भी विभिन्न विषयों पर प्री-टॉक का आयोजन हो रहा है।

यह हैं यंग थिंकर्स कॉन्क्लेव के प्रमुख वक्ता :
प्रज्ञा प्रवाह के राष्ट्रीय संयोजक एवं केसरी पत्रिका के पूर्व संपादक श्री जे. नंदकुमार, राज्यसभा सांसद एवं लेखक श्री राकेश सिन्हा, फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री, पटकथा लेखक अद्वैत काला, सर्वोच्च न्यायालय की अधिवक्ता मोनिका अरोरा, इतिहासकार प्रो. शंकर शरण, लेखक अरविंदन नीलकंदन और लेखिका शैफाली वैद्य सहित प्रमुख विद्वान इस दो दिवसीय कॉन्क्लेव में युवाओं के साथ विभिन्न विषयों पर बात करेंगे।

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