जानें कब – कब लगा जम्मू में राज्यपाल शासन

जम्मू कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू हो गया है. आपको बता दें कि मंगलवार को बीजेपी ने पीडीपी से गठबंधन वापस ले लिया था. जिसके बाद सीएम महबूबा मुफ्ती ने इस्तीफा दे दिया था. आईए आज जानते हैे कि कब – कब जम्मू कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू हुआ है :

पहला : शेख अब्दुल्ला की नैशनल कॉन्फ्रेंस से कांग्रेस के समर्थन वापस लेने के बाद 26 मार्च 1977 को यहां राज्यपाल शासन लागू हुआ था जो 105 दिन तक चला था. 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से समझौता के बाद यहां नैशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार बनी थी. चुनाव के बाद 9 जुलाई 1977 को शेख अब्दुल्ला ने दोबारा सत्ता में वापसी की और पांच साल तक शासन किया.

दूसरा : 6 मार्च 1986 को एक बार फिर कांग्रेस के समर्थन वापस लेने के बाद जम्मू-कश्मीर में गुलाम मोहम्मद शाह की अल्पमत वाली सरकार गिर गई थी. तब राज्य में केंद्र शासन 246 दिन तक लागू रहा था. राज्यपाल शासन के खत्म होने के बाद फारूक अब्दुल्ला ने तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ समझौता कर सरकार बनाई.

तिसरा : जम्मू-कश्मीर में अभी तक का सबसे लंबा राज्यपाल शासन 1990 में लगा था. उस दौरान जगमोहन मल्होत्रा की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति के विरोध में फारूक अब्दुल्ला ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था. इस वजह से जम्मू-कश्मीर में तीसरी बार राज्यपाल शासन लागू हुआ था। इसके बाद 1996 चुनाव में नैशनल कॉन्फ्रेंस ने दोबारा सत्ता में वापसी की थी और फारूक अब्दुल्ला सीएम बने थे.

चौथा : 2002 में त्रिशंकु विधानसभा नतीजों के बाद फारूक अब्दुल्ला ने कार्यवाहक सीएम के रूप में सेवाएं देने से इनकार कर दिया था. इसके बाद राज्य में फिर से राज्यपाल शासन लागू हुआ था जो 15 दिन तक चला था. इसके बाद मुफ्ती मोहम्मद सईद ने कांग्रेस और निर्दलीय विधायकों के साथ गठबंधन कर सरकार बना ली थी.

पांचवा : 2008 में अमरनाथ जमीन विवाद के दौरान पीडीपी के गुलाम नबी आजाद के नेतृत्व वाली कांग्रेस से समर्थन वापस लेने के बाद एक बार फिर यहां 178 दिनों के लिए राज्यपाल शासन लागू हुआ था. इसके बाद 5 जनवरी 2009 को नैशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला ने सबसे कम उम्र के सीएम के रूप में शपथ ली थी.

छठवीं बार : 2014 चुनाव में हंग असेंबली के चलते उमर अब्दुल्ला को सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा था. इसके बाद बीजेपी ने पीडीपी के साथ चुनाव बाद गठबंधन कर सरकार बनाई थी. मुफ्ती सईद 1 मार्च 2015 को सीएम बने थे.

सातवीं बार : 2016 में पीडीपी मुखिया और तत्कालीन सीएम मुफ्ती मोहम्मद सईद की मृत्यु के बाद यहां सातवीं बार राज्यपाल शासन लागू हुआ था. उस दौरान बीजेपी और पीडीपी ने कुछ समय के लिए सरकार गठन टालने का फैसला किया था. इसके बाद बीजेपी ने दोबारा पीडीपी से गठबंधन कर वहां सरकार बनाई और 4 अप्रैल को महबूबा मुफ्ती ने सीएम पद की शपथ ली थी.

आठवीं बार : 20 जून 2018 को जब बीजेपी ने पीडीपी से समर्थन वापस ले लिया था.

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