मानना पड़ेगा कि बेतवा के पानी में कला की बूंदें है

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एमटीटी नेटवर्क। समाजसेवा, सियासत और साहित्य..सिनेमा ये है विदिशा।कसम है हमार गोठ की.. आखिर तक पढ़ना ग्राउंड जीरो से लिख रहे हैं…! ये विदिशा कहाँ हैं, इस विदिशा का इतिहास क्या है, ये विदिशा किस जगह है, इस बात को मैंने इंडिया में ही कहते सुना है.. वजह बना है डांस।
ये भी रिवाइज कर लिजिए…
सीएम साहब ने ट्विटर पर डब्बूजी विदिशा वासी को बधाई दी… वही शिव’राज’ मंत्रियों ने कैलाश विजयवर्गीय को कैलाश सत्यार्थी जी की जगह नोबेल पुरस्कार विजेता की शुभकामना दी. याद है इतनी जल्दी तो बधाई नहीं दिया सीएम साहब ने कैलाश सत्यार्थी को ।..

चलिए कुछ गासिप कर लेते हैं… 
भाई साहब डब्बूजी ! बुरा ना मानिएगा, कुछ creative कर रहे हैं.. प्रिया वॉरियर्स को टक्कर देने के लिए आपको हीरो बनाने के लिए गासिप कर रहे हैं.. ये पढ़ने के बाद माफ कर देंगे… अउर आलोक सर हम आपको ही पढ़कर लिखना सीख रहे हैं… ये भी मस्कारा काम आ ही जाएगा। तो चलिए गासिप करते हैं। चलिए कुछ गासिप कर ही लेते हैं।आपको ये पसंद है गासिप । हमको एक song याद आ रही है… पल पल ना माने टिंकू जिया… ई वीडियो पहिले वायरल हो जाता या फिर डब्बूजी डांस कर देते… तो कसम से गीतकार आलोक श्रीवास्तव सर से कहके टिंकू जी की जगह डब्बूजी का गाना लिखवाने की कोशिश करते। और असल में मेरे फेवरेट शायर आलोक श्रीवास्तव सर भी विदिशा से हैं उनको फुटेज कैसे मिले इसलिए जबरन का लाइन जोड़ दिए। बात हो रही है वर्ल्ड वाइड वेब में छा गए डब्बू भईया की…विदिशा की शान बढ़ाने में श्रीवास्तव जी फिर चर्चा में आये..लेकिन कवि/ टीवी पत्रकार आलोक श्रीवास्तव नहीं हैं…हालांकि आलोक सर की कविता के काफी तादाद में साहित्य प्रेमी दिवाने होंगे…फिलहाल डब्बूजी छा रहें हैं..और लोग छत्तीसगढ़ में बोल रहे हैं यार विदिशा कहां है। आप लोगों को अंत में विदिशा के बारे में खूब इन्फॉर्मेशन मिलेगी तो स्क्रीन को घिसकाइए बोले तो स्क्राल कीजिए।

विदिशा और इसका ग्वालियर कनेक्शन ? 

सुना है कि ग्वालियर में किला बोले तो Fort है। ये 25 दिसंबर 1924 को जन्में महान राजनेता अटल बिहारी जी की जन्मभूमि है। एमपी की सबसे पुरानी तकनीकी इंस्टीट्यूट SATI(1956) जो विदिशा में है के चेयरमैन ग्वालियर राजघराने से ताल्लुकात रहा.. लेकिन इस बार की विदिशा-ग्वालियर कनेक्शन की इंफॉर्मेशन बने हैं वही डब्बूजी। ये है विदिशा की असली पहचान….सम्राट अशोक की पत्नी का नाम विदिशा। नोबल पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी की जन्मभूमि विदिशा है ।
भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने साल 1991 में विदिशा, लखनऊ संसदीय क्षेत्र से चुनावी मैदान को जीत लिया। हालांकि विदिशा सीट खाली कर दी। साल 1991 में लोकसभा के उपचुनाव में MP के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने विजय हासिल की। 2014 में केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी चुनावी फतह हासिल की। हालांकि की पास में सांची का स्तूप भी है.. खास बात है कि बेतवा नदी के दोनों ओर मंदिर भी है। एक ओर हनुमानजी का मंदिर तो दूसरी ओर बड़वाले गणेश की मंदिर । 12 मील में उदयगिरि का गुफा। और सांची का स्तूप जो की दिखाता विदिशा के पास से है लेकिन है रायसेन जिला में। और कुछ मील दूर से ही कर्क रेखा भी निकलीं है।

इस बार बाजी मारे हैं प्रोफेसर साहब…

इस बार बाजी मारे हैं प्रोफेसर साहब…! आप जानकर दंग रह जाएंगे अब सारा जमाना डांसर का दीवाना है डब्बूजी डांसर का..रुकिए कसम है डब्बू भईया डांसर की, कौन जाने की कब हमलोग भी सुर्खियां बटोर लें.. इसलिए वीडियो तो देख ही लिया होगा आपने। प्रोफेसर साहब का ग्वालियर कनेक्शन भी बता दें.. सुना है कि डब्बूजी ने जो डांस किया है ना उ डांस कहीं अउर नहीं किया बल्कि साले साहब की शादी के मौके पर ग्वालियर में किया है..कसम से एक साला कंस जिसने महाभारत करवाया..और एक प्रोफेसर साहब के साले जिन्होंने पल भर में फुटेज भारत में दिलवाया..इसे ही कहते हैं कलयुग।
लेखक : शुभम द्विवेदी 
लेखक टीवी पत्रकारिता की क ख ग सीख रहे हैं..
संपर्क : 08357878542

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