हनिमून हो या देव दर्शन सबके लिए फिजी है पहली पसंद

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दक्षिण प्रशांत महासागर में आस्ट्रेलिया व न्यूजीलैंड से थोड़ी दूर स्थित फिजी छोटे-मोटे 322 द्वीपों से बना है. इसके अलावा यहां 522 टापू भी हैं. प्राकृतिक रूप से फिजी अत्यंत ही समृद्ध है. यहां सालो भर प्रकृति के मनोरम दृश्य देखने को मिलते हैं.

आपको यहां न तो खतरनाक जानवर मिलेंगे, न ही जहरीले सांप, मकड़ी या कीड़े और तो और फिजी मलेरिया से भी पूरी तरह मुक्त है. यहां की चौतरफा खूबसूरती आपका मन मोह लेगी. चाहे आप रोमांस की तलाश में हों या रोमांच की, सुकून की या सांस्कृतिक विविधता हर जरूरत फिजी आने पर पूरा हो जाएगी.
पानी के साथ अठखेलियों के शौकीन लोगों के लिए फिजी के मामानुका द्वीप का कोरल रीफ एक ड्रीम डेस्टिनेशन है. फिजी बहुत ही खुला हुआ और साफ-सुथरा देश है. जगह जगह सागर तट होने के कारण  हवा शुद्ध और प्रदूषण रहित है. पानी अत्यंत साफ और शुद्ध है. यहां के पानी को “फिजी वाटर” नाम से अनेकानेक देशों में बोतलों में बंद करके निर्यात किया जाता है. यहां पर प्राकृतिक सुंदरता से रोमांचित एक झरना है, जहाँ का पानी अनेकानेक रोगों से मुक्त करने का गुण रखता है. इसलिए विदेशों से रोगी यहां आते रहते हैं.
हिंदूओं की आस्था का केंद्र है श्री शिव सुब्रह्मण्य मंदिर
फिजी हिंदू धर्म का बड़ा केंद्र है. यहां विश्व के दक्षिणी गोलार्ध का सबसे बड़ा हिन्दू मंदिर, श्री शिव सुब्रह्मण्य मंदिर है. यह मंदिर फिजी के नान्दी में स्थित है. प्राचीन मंदिर 1926 का निर्मित है जिसका 1976 में पुनरुत्थान किया गया. यह मंदिर भारतीय द्रविण कला और वैदिक वास्तुकला का उतकृष्ट उदाहरण है. यहां भारत से हर साल दर्शनार्थी दर्शन करने जाते हैं.

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