उसकी एक याद बहुत हैं मुझे रूलाने के लिए… Mr.IBM

MY TIMES TODAY. lipstunes

कभी इश्क जूनुन था,
कभी आशिकी जीद थी,
ना कुछ पाने की तम्मना थी,
ना कुछ खोने का डर था,
बेइंतहा चाहा था उन्हे,
और बस वही एक उम्मीद थी,
हर हसरत हंस के भूला दिया था,
कि वो मिलेंगे ऐसा उसने भरोसा दिला दिया था,
आज ना मेरी कोई मंजिल है,
ना कोई सहारा हैं,
तन्हाईयों में बेशुमार दिल है,
कमब्खत वक्ता का मारा है,
जी रहां हूं अपना ग़म भूलाने के लिए,
पर उसकी एक याद बहुत हैं मुझे रूलाने के लिए…
Mr.IBM

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!