AIIMS टॉपर की सफलता की कहानी जरूर पढ़नी चाहिए

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MY TIMES TODAY इस साल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा में सूरत की निशिता पुरोहित ने टॉप किया.

रोज़ 11 से 12 घंटे तक पढ़ने वाली 18 साल की निशिता ने बताया कि वो बचपन से ही डॉक्टर बनना चाहती थीं.

वो कहती हैं कि अपने इसी सपने को सच करने लिए उन्होंने कोटा की ओर रुख किया और वहीं से प्रवेश परीक्षा की तैयारी की.

निशिता ने योग को अपनी सफलता का राज़ बताया.

निशिता ने कहा, ‘ मैं हर दिन योग और मेडिटेशन करती हूं. इसे करने से मेरे अंदर ग़ज़ब के बदलाव आए. मैं 11वीं में बहुत ज्यादा योग नहीं करती थी, लेकिन बारहवीं में इसे निश्चित तौर पर करना शुरु किया. इससे मेरे रिज़ल्ट में भी बहुत बदलाव देखने को मिले.’

वह आगे बताती हैं कि जब भी नकारात्मक सोच उन्हें घेर लेती थी तो वह योगा करती थी.

वह कहती हैं, ‘हर सुबह योग और ध्यान लगाना मेरी दिनचर्या में शामिल है. इससे फायदा यह हुआ कि मेरा दिमाग शांत रहने लगा और मन में अनावश्यक विचार नहीं आते थे.’

सेल्फ स्टडी के महत्व के बारे में निशिता कहती हैं- ‘दो साल की तैयारी में यह बहुत मुश्किल होता है कि आपको पहले साल की पढ़ाई याद रहे. ऐसे में पुराने चीजों को याद रखने के लिए सेल्फ स्टडी जरूरी होती है. मैं पहले उन चीजों को दोहरा लेती थी जो उस दिन पढ़ाया जाता था, उसके बाद मैं पुरानी पढ़ाई करती थी.’

निशिता कहती हैं कि वो मेडिकल परीक्षा को लेकर बहुत ज्यादा तनाव नहीं लेती थीं.

वो बताती हैं कि जब भी कभी मन में किसी तरह की परेशानी होती थी तो माता-पिता से उसे शेयर करती थीं.

निशिता भविष्य में कार्डियक सर्जन बनना चाहती हैं. वह डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी करने के बाद ग्रामीण इलाकों में मेडिकल कैंप लगाकर उन लोगों तक सुविधाएं पहुँचाना चाहती हैं जो इनसे वंचित हैं.

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